कोरोना संक्रमण के भयावह दौर में कईयों ने अपनों को खोया था. इस खतरनाक बीमारी के चलते कई मासूमों के ऊपर से उनके माता-पिता का साया उठ गया था. इन बच्चों के पालन-पोषण, दैनिक जरूरतों और शिक्षा के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण सहायता योजना प्रारंभ की थी, जिसके तहत अनाथ बच्चों को प्रतिमाह पांच हजार रुपए सहायता राशि प्रदान की जाती है
Chief Minister Covid Child Welfare Scheme Madhya Pradesh मध्य प्रदेश में इन दिनों बजट का संकट कई योजनाओं में देखने को मिल रहा है. इस समय कई शासकीय विभाग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं बजट के आभाव में अनेकों योजनाएं प्रभावित हो रही हैं ऐसे में इन योजनाओं पर आश्रित हितग्राही परेशान हैं कोरोना (Covid-19) संक्रमण काल में अनाथ यानी बेसहारा हुए बच्चों की देखभाल (Child Care) और शिक्षा (Education) के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) द्वारा मुख्यमंत्री कोविड बाल कल्याण योजना (Mukhyamantri Covid-19 Bal Kalyan Yojna) शुरु की गई थी अब यह योजना बजट के आभाव में दम तोड़ती नजर आ रही है. हालात ऐसे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री के गृह जिले सीहोर में बेसहारा हुए बच्चों के खातों में इस योजना की अप्रैल और मई माह की सहायता राशि नहीं आई है ऐसे में इन बच्चों का जीवन कठिनाईयों से गुजर रहा है
पहले जानिए क्या है इस नियम की शर्तें
माता-पिता की कोविड-19 से मृत्यु हुई हो या माता-पिता का निधन पूर्व में हो गया था तथा उनके वैध अभिभावक की कोविड-19 से मृत्यु हुई हो माता-पिता में से किसी एक का पूर्व में निधन हो चुका है तथा अब दुसरे की कोविड-19 से मृत्यु हुई है. “कोविड-19 से मृत्यु” का मतलब यह है कि ऐसी किसी भी मृत्यु से है, जो 1 मार्च, 2021 से 30 जून, 2021 तक की अवधि में हुई हो
कोरोना संक्रमण के भयावह दौर में कईयों ने अपनों को खोया था इस खतरनाक बीमारी के चलते कई मासूमों के ऊपर से उनके माता-पिता का साया उठ गया था इन बच्चों के पालन-पोषण, दैनिक जरूरतों और शिक्षा के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण सहायता योजना प्रारंभ की थी, जिसके तहत अनाथ बच्चों को प्रतिमाह पांच हजार रुपए सहायता राशि प्रदान की जाती है. इस योजना में सीहोर जिले में 19 बच्चे पंजीकृत हैं, वहीं पीएम केयर फार चिल्ड्रन योजना (PM CARES for Children Scheme) में 4 बच्चे पंजीकृत हैं